आज शिव रात्रि है , लाखों लोग आज बनारस में गंगा स्नान कर महादेव का दर्शन करते हैं । लेकिन आज माँ गंगा की स्थिति पर शायद ही श्रधालुओं का ध्यान जाता है । वो अपने साथ लाये पोलीथींन की थैलियाँ और माला इत्यादि सहज ही नदी में प्रवाहित कर देते हैं और इस तरह वो गंगा जी को साफ़ करने के अभियान को अर्थहीन बना देते हैं।
निश्चय ही गंगा स्वच्छता अभियान वाराणसी में रंग पकड़ रहा है लेकिन जन चेतना के बिना यह किसी काम का नहीं । गंगा जी को साफ़ करना कुछ थोड़े से लोगों का कार्य न हो कर हम सब का कर्तव्य है । जब तक जन जन की चेतना अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए नहीं जुड़ती तब तक यह महत्वपूर्ण कार्य संभव नहीं है।
वाराणसी में पोलीथिन की थैलियों पर रोक लग चुकी है । पर यह हम सब का और साथ ही यहाँ आने वाले दर्शनार्थियों का कर्तव्य है की वो अकारण ही व्यर्थ की वस्तुएं गंगा जी में न फेंके। साथ ही हम सभी अपने आस पास और परिचितों से पोलीथिन की थैलियों के प्रयोग के प्रति सचेत करें की कैसे ये हमारे वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं ।
आशा है की आने वाली पीढियां माँ गंगा को अपने पुराने मोक्षदायिनी स्वरूप में देख सकेंगी और ये हम सब के सम्मिलित प्रयास से ही संभव है ।