मुझे अपार हर्ष हो रहा है आप सभी को यह बता कर की "भुद्वा मंगल" जो की काशी (वाराणसी) में होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को बहुत ही भव्य तरीके से माँ गंगा के आँचल में मनाया जाता है, कुशल पूर्वक समपन्न हुआ/ परन्तु चिंता का विषय ये है की गंगा में गन्दगी का अम्बार और उसमे गंगा जल का अभाव लोगो के मन में चिंता का विषय नहीं बन पा रहा है/
लोग सिर्फ आते है और गंगा को एक पिकनिक स्पोट समझकर घूमफिर कर चले जाते है उनको इस बात से कोई सरोकार नहीं है की माँ गंगा की दस कैसी होती जा रही है/ वो भूल रहे है की काशी का अस्तित्व माँ गंगा के बिना कुछ भी नहीं है/ माँ गंगा को बचाने के लिए कोई हाथ बढ़ने को तैयार ही नहीं है और कहते है की गंगा अब ख़त्म होने को है सायद उन्हें इसी दिन का इंतज़ार है .........................






0 comments:
Post a Comment